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Baat Nahi Karne ki Shayari | बात नहीं करने की शायरी

Baat Nahi Karne ki Shayari | बात नहीं करने की शायरी

Baat Nahi Karne ki Shayari बात नहीं करने की शायरी

कुछ खामोशियां वेबजह नही होतीं,
कुछ दर्द आवाज़ छीन लिया करतें है।

बातें चंद मिनट करो,या कुछ घंटे,
अपनों से बात होती रहे,यही बहुत है।

Baat Nahi Karne ki Shayari

Baat Nahi Karne ki Shayari

कभी खामोश भी बैठा करो मेरे सामने,
हर घड़ी बात हो, ये जरूरी तो नहीं।

बात करने का अंदाज कुछ यूं रखो,
कि लोगों का ध्यान आपके चेहरे पर जा ही ना पाएं।

कहने को तो बहुत कुछ है,
बात कहने की,पर कहे किससे,
ये भी तो है बात समझने की।

Baat Na Karne ki Shayari

Baat Na Karne ki Shayari

एक जरा सी भूल मेरी खता बन गयी,
मेरी वफ़ा ही मेरी सजा बन गयी।

नाराज क्यों होते हो, किस बात पे हो हमसे रूठे,
अच्छा चलो मैंने माना तुम सच्चे हम ही झूठे।

हमारे सितम सारे छांट लिया करो,
रहो ना मुझसे नाराज हमें डांट लिया करो।

baat nahi karne ki shayari hindi

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वो छा गए है कोहरे की तरह मेरे चारो तरफ,
न कोई दूसरा दिखता है न देखने की चाहत है।

चलो माना कि हमें प्यार का इज़हार करना नहीं आता,
जज़्बात न समझ सको, इतने नादान तो तुम भी नहीं।

तुम्हारे साथ खामोश भी रहूँ तो बातें पूरी हो जाती हैं,
तुम में, तुम से, तुम पर ही मेरी दुनिया पूरी हो जाती है!

baat nahi karne ki shayari image

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तेरे ही किस्से तेरी कहानियाँ मिलेंगी मुझ में,
न जाने किस-किस अदा से तू आबाद है मुझ में!

टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से,
मोहब्बत कौन कहता है कि पहचानी नहीं जाती।

तेरी खूबसूरती अल्फाजो में बया नही हो सकती,
खूबसूरती का झरना है तू खूबसूरती का समंदर है तू।

Baat Nahi Hoti Shayari

Baat Nahi Hoti Shayari

याद रखना भी बहुत हिम्मत का काम है,
क्यूंकि किसी को भुला देना आजकल बहुत आम बात है।

तेरी मोहब्बत की तालाब थी तो हाथ फैला दिए हमने,
वरना हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं मांगते।

हमेँ कँहा मालूम था क़ि इश्क़ होता क्या है,
बस एक ‘तुम’ मिले और ज़िन्दगी मुहब्बत बन गई!.!

wo baat nahi karte shayari

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शिकवा बस इसका है मुझ को, मैं कुछ भी कह नहीं पाया,
इसे मेरी कमज़ोरी ही कह लो, मगर तेरे बिन रह नहीं पाया।

तोड़ा कुछ इस तरह से ताल्लुक उसने ग़ालिब,
के सारी ज़िन्दगी हम अपना क़सूर ढूँढ़ते रह गए।

कभी याद आती है कभी उनके ख्वाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं।

baat nahi karne ki shayari

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कुछ नये सपने उसी के देखना है फिर मुझे,
सो गया हूँ मैं बहा कर जिसकी यादें आँख से।

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाए।

एक आदत सी हो गयी तुझे याद करने की,
तेरे लिए अपनी हस्ती तक मिटा दी हमने।

baat nahi karte shayari

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तू फिर भी रखती है शिकायत हमसे,
सजदों में तुझे पाने की दुआ की हमने।

ना जाने क्या कमी है मुझमें ना जाने क्या ख़ूबी है उसमें,
वो मुझे याद नहीं करता मैं उसको भूल नहीं पाती।

हमसे न करिये बातें यूँ बेरुखी से सनम,
होने लगे हो कुछ-कुछ बेवफा से तुम।

baat na karne par shayari

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वक़्त रहते तन्हाई की आदत डाल लो,
क्योकि जिंदगी भर कोई साथ नहीं देता।

ना चाँद अपना था न ही तू अपना था,
काश ये दिल भी ये मान ले की सब सपना था।

जिस चाँद के हज़ारों चाहने वाले होते है,
उसे एक सितारे की कमी कभी मेहसूस ही नहीं होती।

Baat Nahi Hoti Shayari

Baat Nahi Hoti Shayari

हम उसकी गलती थे साहब,
उसने गलती सुधार ली और मेरी जिंदगी उजाड़ दी।

शायद उमीदें ही होती है गम की वजह,
बरना ख्वाहिसे रखना कोई गुन्हा तो नहीं।

खुस रहना तो हमने भी सीख लिया था उनके बगैर,
मुद्द्त बाद उन्होंने हाल पूछ के बेहाल कर दिया।

baat nahi karne ki shayari

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कभी-कभी सबके सामने हंसना ,
तन्हा रोने से ज्यादा तकलीफ देता है।

डर मुझे ढूंढ लेता है हर बहाने से,
वो हो गया है बाक़िफ़ मेरे हर ठिकाने से।

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